22 गवाह बनाए गए, 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल हो जाने से आरोपियों को झटका
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पूर्वांचल में 'यादव सिंह' और काली कमाई के धनकुबेर कहे जाने वाले चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के खिलाफ विजिलेंस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
भ्रष्टाचार के आरोप में जेल की हवा खा रहे चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव, उसके निजी चालक धनजी यादव और विभागीय चालक शिव बहादुर यादव के खिलाफ सोमवार को विजिलेंस (सतर्कता विभाग) ने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में दाखिल किए गए इस आरोप पत्र में 22 गवाह बनाए गए हैं। आरोपियों को चार्जशीट की प्रति देने के लिए अदालत ने मंगलवार को उन्हें जेल से तलब किया है। जेल भेजे जाने के 90 दिन की समयावधि के अंदर चार्जशीट दाखिल होने से जमानत की कोशिशों में जुटे आरोपियों को तगड़ा झटका लगा है।
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की कोर्ट में भ्रष्टाचार, लूट समेत कई आरोपों में यह चार्जशीट विजिलेंस निरीक्षक अरविंद सिंह ने डीजीसी फौजदारी अनिल सिंह के जरिए दाखिल की।
डीजीसी के मुताबिक आठ जून को चंदौली के पेट्रोल पंप के पास ट्रक चालकों की पिटाई, अवैध वसूली करते एआरटीओ के चालक एवं निजी चालक को पकड़ा गया था। इसकी प्रारंभिक विवेचना सीओ चकिया प्रदीप सिंह चंदेल ने की।
फिर शासन ने विवेचना सतर्कता विभाग को बीते 22 जून को सौंपी। इस मामले में तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है।