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Varanasi News: सेना में धर्मगुरु बनने की पढ़ाई शुरू, ऑनलाइन चल रही हैं कक्षाएं

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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से सेना में धर्म गुरु बनने की पढ़ाई शुरू हो गई है। यह डिप्लोमा कोर्स है। इसे कर्मकांड विषय से जोड़ा गया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। कोर्स के तहत धर्मगुरु बनने के लिए जरूरी प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। अगर सेना में नियुक्ति होती है तो, उससे पहले ही दिनचर्या की जानकारी दी जा रही है। इसी तरह मंदिर प्रबंधन के बारे में विद्यार्थी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर सकेंगे।
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सेना में धर्मगुरु की दिनचर्या, पूजन पद्धति, रक्षा सूत्र बांधने के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाता है। विश्वविद्यालय परिसर में बने ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र के तहत ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, कर्मकांड, भारतीय दर्शन, योग सहित 10 कोर्स चलाए जा रहे हैं। इनमें तीन महीने, छह महीने के सर्टिफिकेट और एक साल के डिप्लोमा कोर्स शामिल हैं। प्रवेश से परीक्षा तक की प्रक्रिया ऑनलाइन है।
ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र के उप निदेशक डॉ. मधुसूदन मिश्र ने बताया कि तीन और छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स चलाए जा रहे हैं। डिप्लोमा कोर्स एक साल का है।
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उन्होंने बताया कि केंद्र के निदेशक प्रो. रमेश प्रसाद की देखरेख में सभी कोर्स चलाए जा रहे हैं। विवि के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि इस तरह के कोर्स विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र में साल दर साल विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही हैं।
2000 तक लगती है फीस, शाम को चलती हैं कक्षाएं
उपनिदेशक ने बताया कि तीन महीने के कोर्स की फीस 1000 रुपये है। छह महीने के कोर्स की 1500 व एक साल के कोर्स की फीस 2000 रुपये है। हर दिन शाम 6 से रात 10 बजे के बीच ऑनलाइन कक्षाएं चलती हैं। इसमें रिकार्डिंग, लाइव टेलीकॉस्ट के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। सप्ताह में दो से तीन रिकाॅर्डिंग जबकि दो दिन ऑफलाइन कक्षाएं चलाई जाती हैं। इस साल ज्योतिष वास्तु, कर्मकांड में 400 से 500 छात्र हैं।
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