थल सेनाध्यक्ष विपिन रावत ने कहा कि देश के दुश्मन भारत की मजबूत सैन्य शक्ति के आगे बौने हैं। डोकलाम में दोनों ही पक्षों को सुलह के बिंदुओं पर कायम रहना चाहिए। वे परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद अब्दुल हमीद के गांव धामूपुर में रविवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने पाक के थल सेनाध्यक्ष के सीमा विवाद का हल ‘गोली से नहीं, बोली से निकालने’ संबंधी बयान से जुड़े सवाल पर कहा कि पड़ोसी देशों से बातचीत के जरिये सीमा समस्या का समाधान राजनीतिक लोगों का काम है, जबकि सेना सीमा की रक्षा का अपना काम करती है।
चीन और पाकिस्तान में बड़ा दुश्मन कौन है, के सवाल पर कहा कि सीमा पर तैनात जवान के लिए अपने देश से बड़ा कोई नहीं होता, हमारे देश को नुकसान पहुंचाने वाला ही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है। कश्मीर पर कहा कि सेना और पुलिस के जवान वहां शांति व्यवस्था में लगे हैं।
पत्थरबाजी की घटनाओं पर काफी अंकुश पा लिया गया है। आतंकवाद के खिलाफ परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और पहले से काफी कुछ कंट्रोल हुआ है। जवानों के भोजन में मिलावट, सुविधाओं में कटौती और छुट्टी को लेकर असंतोष के बारे में पूछने पर आर्मी चीफ ने कहा कि हर समस्या का समाधान घर में है।
पीड़ित को अपनी समस्या अपने उच्चाधिकारियों के सामने रखनी चाहिए, उसका समाधान निश्चित होगा। उन्होंने सेना में जाने वाले जनपद के युवाओं के लिए अलग से भर्ती और ट्रेनिंग शुरू कराने का आश्वासन भी दिया।