वाराणसी विकास प्राधिकरण
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उन्होंने इस आदेश के अनुपालन की साप्ताहिक आख्या 15 अप्रैल से मांगी है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद वीडीए ने अपने सभी 12 जोन में टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है। यहां बता दें कि वीडीए में 174 बहुमंजिला इमारतों का नक्शा पास है। मगर, ज्यादातर ने पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लिया है। ऐसे में स्पष्ट है कि ज्यादातर बिल्डर्स ने अपने निर्माण को मानक के अनुरूप नहीं किया है।
लापरवाही से भविष्य में खतरे की आशंका
जिलाधिकारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि चार सदस्यीय टीम की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग का फायर होज काम नहीं कर रहा था एवं संबंधित बिल्डिंग कंपनी ने रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी का गठन नहीं किया है। इसके साथ ही फायर आदि के लिए किसी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की है।
संभव है कि इस तरह की स्थित वाराणसी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत अन्य भवनों में भी होगी। उनके पत्र में कहा गया है कि यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि कई भवन स्वामियों ने सेटबैक के क्षेत्र में अस्थाई निर्माण करके फ्री मूवमेंट एरिया को भी बंद कर दिया है, जिससे भविष्य में भी आगजनी की स्थिति में जान-माल के नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता है।
अन्नपूर्णा ग्रैंडयोर बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर लगी थी भीषण आग।
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वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन
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वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि अभियान के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स की मांग की है। वीडीए के सभी जेई को दूसरे काम से अवमुक्त करने की भी मांग की गई है। हमने सभी बहुमंजिला इमारतों के बिल्डर्स को पत्र लिखकर खुद अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया है। हमारी ओर से सभी बिल्डर्स को चेतावनी भी जारी की गई है कि किसी तरह के नियमों के उल्लंघन पर एफआईआर तक की कार्रवाई होगी।