कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही के लोगों को अब स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अब उन्हें गांव में ही बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। इसके अलावा रामनगर, लोहता, लेढ़ूपुर, सुसुवाही में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। साथ ही काशी विद्यापीठ और सारनाथ पीएचसी को शहरी सीएचसी का दर्जा मिल गया है। शासन की ओर से इसकी स्वीकृति के बाद अब स्वास्थ्य विभाग भवन की तलाश सहित अन्य कार्यवाही में जुट गया है। जल्द ही पांचों नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन शुरू हो जाएगा।
जिले में मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर के साथ ही हर दिन शहरी और ग्रामीण इलाकों में बने स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज इलाज के लिए जाते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ही पीएचसी की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजा गया था। अब शासन की स्वीकृति आ गई है। पहले से ही यहां शहरी सीमा में 24 पीएचसी हैं अब पांच नई पीएचसी के खुलने के बाद यह संख्या बढ़कर 29 हो जाएगी। इसके अलावा सीएचसी भी तीन से बढ़कर पांच हो गई है। पीएचसी पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और सीएचसी पर अधीक्षक की तैनाती के साथ ही चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति, उपकरण लगाए जाने आदि की कार्रवाई भी पूरी हो गई है।
वर्जन
लमही समेत पांच जगहों पर नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलने से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। शासन की स्वीकृति के बाद भवन की तलाश करने, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। - डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ
एक नजर में आंकड़ा
कुल 68 स्वास्थ्य केंद्र
शहरी क्षेत्र
पीएचसी 29
सीएचसी 5
ग्रामीण क्षेत्र
पीएचसी 5
सीएचसी 9
एडिशनल पीएचसी 20