उधर, चौक पुलिस ने प्रार्थना पत्र के संदर्भ में आख्या अदालत में प्रेषित कर दी। आख्या में कहा गया है कि स्थानीय थाना पर कोई अभियोग दर्ज नहीं है। दिसंबर माह में ज्ञानवापी शृंगार गौरी प्रकरण की वादिनी महिलाएं रेखा पाठक, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी व सीता साहू ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है।
आरोप है कि शृंगार गौरी प्रकरण की एक वादिनी राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन की ओर से मुख्यमंत्री को पावर ऑफ अटार्नी सौंपने और मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
एसीजेएम पंचम एमपी/एमएलए उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया। इस मामले की सुनवाई अदालत ने बृहस्पतिवार को भी की है। ज्ञानवापी परिसर को लेकर सपा व एआईएमआईएम के नेता ने बयान दिया था। इसे लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता ने याचिका दाखिल की और दोनों नेताओं पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
ज्ञानवापी से जुड़े सात मुकदमों को एक ही अदालत में सुनने की मांग को लेकर दाखिल अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 24 जनवरी की तिथि तय की है। शृंगार गौरी के नियमित-पूजन की मांग करने वाली चार वादिनी की ओर से यह अर्जी दाखिल की गई है।