ईश्वर से करते हैं प्रार्थना
आशापुर निवासी स्वनिल शर्मा बोस्टन यूनिवर्सटी में शोध छात्र हैं। दोस्तों और परिजनों से बातचीत में यही कहते हैं कि कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर घर में बने रहें। बोस्टन में जरूरी सामान के लिए भी लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकते हैं। कोरोना से अपनों को सुरक्षित रखने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग का करें पालन
मंडुवाडीह की अर्चना पांडेय दुबई की एक कंपनी में मैनेजर हैं। कहती हैं कि दुबई में कोरोना से बचाव को लेकर प्रशासन अच्छा काम कर रहा है। यहां के लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं और दुकानों के बाहर दो मीटर की दूरी से सामान खरीदते हैं। काशी वासियों से अपील है कि घर में रहें और लॉकडाउन के नियमों का पालन करते रहें।
खुद से रहे अलर्ट, भागेगा कोरोना
कचहरी के रहने वाले वेदांत प्रकाश यूनिवर्सिटी ऑफ लिडस में मास्टर इन इंटरनेशल बिजनेस लॉ के छात्र हैं। वेदांत बताते हैं कि लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन जान पर बन आ सकती है। घर में रहने के लिए कहा गया है तो फिर बाहर न निकलें। यह खुद से अलर्ट रहने से ही कोरोना भागेगा।
भगवान मेरे देश को इस संक्रमण से बचा लें
चौबेपुर के निवासी अरुण पाठक दुबई स्थित एक प्राइवेट कंपनी में सिस्टम मैनेजर हैं। जब भारत की खबर सुनता हूं तो दुखी हो जाता हूं। प्रार्थना करता हूं कि भगवान मेरे देश को संक्रमण से बचा लें। दुबई व साउथ कोरिया जैसे नागरिकों की तरह भारतीयों को भी नियम कानून तोड़ने से बचना चाहिए।