फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी: आरटीपीसीआर की रिपोर्ट के लिए करना पड़ रहा इंतजार, मरीजों पर भारी पड़ रही स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही

Fri, 21 Jan 2022 10:51 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि कोरोना जैसे लक्षण आने पर लोग अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र पर अगर जांच कराने जा रहे हैं तो उन्हें रिपोर्ट में देरी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : AP
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए शासन, प्रशासन लाख व्यवस्थाओं का दावा करे, लेकिन हकीकत में लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। सबसे अधिक परेशानी लोगों को कोरोना जांच और उसकी रिपोर्ट को लेकर झेलनी पड़ रही है।

विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि कोरोना जैसे लक्षण आने पर लोग अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र पर अगर जांच कराने जा रहे हैं तो उन्हें रिपोर्ट में देरी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। किसी को चार दिन तो कहीं पांच से छह दिन बाद लोगों को आरटीपीसीआर की रिपोर्ट मिल रही है।

हालत यह है कि एंटीजन जांच कराने के बाद तो तुरंत लोगों को जानकारी मिल जाती है, लेकिन आरटीपीसीआर रिपोर्ट समय से नहीं मिल रही है।

जांच के लिए घंटों इंतजार
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर चल रही कोरोना जांच में भी खामियों से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसमें मंडलीय अस्पताल, बीएचयू सहित अन्य जगहों पर बने स्टेटिक बूथ पर जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। यहां हर दिन लोगों की लंबी लाइन लग रही है।

एक नजर में कोरोना जांच
19 जनवरी 6859
18 जनवरी 7171
17 जनवरी 6194
16 जनवरी 4866
विज्ञापन

केस-1
लहरतारा निवासी 36 वर्षीय एक युवक ने 14 जनवरी को काशी विद्यापीठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सैंपल दिया था। एंटीजन जांच तो निगेटिव आ गई, लेकिन आरटीपीसीआर की रिपोर्ट 19 जनवरी को मिली। तब तक कई बार पोर्टल पर चेक करते रहे। बताया कि इस तरह की लापरवाही से परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है।

केस-2
मड़ौली निवासी 46 वर्षीय व्यक्ति ने भी 14 जनवरी को ही सैंपल दिया था। उन्हें हल्का बुखार भी था। सैंपल देने के एक दिन बाद ही वह चेक करते रहे, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली तो परेशान हो गए। बताया कि 20 जनवरी को यानी छह दिन बाद रिपोर्ट मिली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें