कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कितनी खतरनाक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 5 माह पहले नवंबर में वाराणसी में जिन लोगों में पर्याप्त एंटीबॉडी मिली थी इस समय वह खत्म हो चुकी है। बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट में एक शोध में यह निष्कर्ष निकलकर सामने आया है। हाल ही में अमेरिका के एक जनर्ल्स में इसका प्रकाशन भी हो चुका है।
जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि नवंबर में बनारस में 100 लोगों पर उन्होंने शोध किया था। उस समय अनुमान लगाया गया था जिन लोगों में एंटीबॉडी मिली है वह छह महीने तक बनी रहेगी। लेकिन मार्च में जब उन्हीं 100 लोगों की जांच की गई तो 93 लोगों में एंटीबॉडी खत्म हो गई थी। 7 लोगों में ही एंटीबॉडी बची थी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में टीकाकरण कराने वालों पर भी शोध का काम चल रहा है।