बाकी का बंध्याकरण जल्द किया जाएगा। उधर सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि अस्पतालों के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों को पर्याप्त मात्रा में एआरवी, एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करवाई गई है। साथ ही कुत्ता काटने के बाद बरती जाने वाली सावधानियों भी बताई जा रही है।
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ.पी के सिंह का कहना है कि कुत्ता काटने के बाद काटने वाली जगह पर संक्रमण तेजी से फैलता है। कुत्ते के मुंह में कई तरह की बैक्टीरिया होती हैं। ऐसे में इलाज में किसी तरह की देरी नहीं करनी चाहिए। ऐसी घटना होने के बाद सतर्कता बहुत जरूरी है। जिस जगह पर कुत्ता काटा हो, उसको पहले साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद घाव को साफ कपड़े से बांधकर अस्पताल जाकर एआरवी लगवाना चाहिए। अस्पताल में हर दिन ऐसे मरीज आते हैं, इनमें बच्चों की संख्या अधिक होती है।