कर्मचारी ने रिश्वत की राशि तय करने के बाद दो मई को इसकी जानकारी एंटी करप्शन वाराणसी को अवगत कराया। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और दो हजार रुपये चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दिया जिसे उसने रिश्वत मांगने वाले बाबू को दिया।
पैसा लेते ही टीम ने बाबू को दबोच लिया। टीम में एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर सुरेंद्र नाथ दुबे और अशोक सिंह के अलावा एसआई संतोष दीक्षित, हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, कांस्टेबल अश्वनी कुमार पांडेय व पुनीत कुमार रहे।