लोहता के रहीमपुर नई बस्ती में मंगलवार को डायरिया ने एक और जिंदगी लील ली। कई दिनों से उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित अब्दुल कलाम (60) की सुबह मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद काशी विद्यापीठ स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों की टीम ने घर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। हालांकि चिकित्सक डायरिया से मौत की बात को नकार रहे हैं।
रहीमपुर के साथ ही धन्नीपुर, हरपालपुर, महमूदपुर में जगह-जगह सीवर जाम होने के साथ ही गंदगी का अंबार है। इस वजह से लोगों का जीना मुहाल है। इसके परिणाम स्वरूप रहीमपुर में कई दिनों से फैला डायरिया जानलेवा होता जा रहा है। यहां 50 से अधिक लोग बीमार हैं, जिसमें दस साल से कम आयु वाले बच्चों की संख्या अधिक है। रविवार को नई बस्ती की डायरिया पीड़ित बच्ची सादिया (3) की मौत हो गई थी। अब एक दिन बाद अब्दुल कलाम उर्फ सोमारू की मौत हो गई। इससे गांव के लोगों में दहशत फैल गई है।
परिवारीजनों के मुताबिक अब्दुल एक सप्ताह से उल्टी-दस्त, बुखार से पीड़ित थे, जिनका इलाज पास ही के एक अस्पताल में चल रहा था। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ओपी शुक्ला अब्दुल की मौत डायरिया से होने की बात नकार रहे हैं।
साफ-सफाई और सीवर की व्यवस्था दुरुस्त न कराने और अफसरों की उपेक्षा से नाराज क्षेत्र के ग्रामीणों ने सोमवार को चक्काजाम किया था। तीन दिन में दो मौतें भी हो गईं लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए। इससे ग्रामीणों ने रोष बढ़ता जा रहा है। युवा नेता शमीम नोमानी ने आंदोलन की चेतावनी दी है।