छह साल पुरानी गोल्डेन कोटिंग योजना को गति मिलने की उम्मीद
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योगी आदित्यनाथ सरकार में बाबा विश्वनाथ के शिखरों को स्वर्ण मंडित करने की योजना को आगे बढ़ाने की कोशिश नए सिरे से शुरू हो गई है।
मुख्य शिखर के शेष भाग के अलावा तीन अन्य शिखरों पर स्वर्ण पत्तर चढ़ाने की छह वर्ष पुरानी योजना को गति देने के लिए चेन्नई की कंपनी ने जहां कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण से संपर्क साधा है, वहीं गोल्डेन कोटिंग योजना के प्रस्ताव को न्यास परिषद में फिर से रखने की तैयारी है।
यह योजना न्यास परिषद ने वर्ष 2010-2011 में बनाई थी। योजना के तहत मुख्य शिखरों के अलावा दंडपाणि, तारकेश्वर और रानी भवानी के भुवनेश्वर मंदिर के शिखरों को भी स्वर्ण मंडित कराने का प्रस्ताव है।
वर्ष भर पहले अक्षय तृतीया से इस पर काम शुरू होना था लेकिन अफसरों की खींचतान के चलते मूर्त रूप नहीं दिया जा सका।
बाबा विश्वनाथ के शिखरों पर स्वर्ण पत्तर लगाने के लिए पत्थरों की क्षमता के आकलन में लगी केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) की फाइनल रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में शिखरों की क्षमता को स्वर्ण पत्तरों का भार सहन करने के योग्य बताया गया है।
इसके बाद अमेरिका के कई शहरों समेत देश के सात सौ से अधिक मंदिरों में स्वर्ण पत्तर लगाने वाली चेन्नई की कंपनी स्मार्ट क्रिएशन की महाप्रबंधक हेमलता ने मंडलायुक्त से योजना पर बातचीत की है। योजना को आगे बढ़ाने के लिए हेमलता ने जल्द ही सीएम से भी मुलाकात करेंगी।