अपार्टमेंट के चारो ओर मानक के अनुसार सेट बैक को निर्माण सामग्री रखकर बाधित किया गया था। इसके अलावा भवन में आवागमन के लिए बने प्रवेश-निकास द्वार में एक को बंद किया गया था। अपनी रिपोर्ट में जांच टीम ने कुछ जरूरी सुझाव भी बताए हैं। इसमें भवन में 75 हजार लीटर की क्षमता वाले भूमिगत टैंक, एक डीजल पंप, इलेक्ट्रिक पंप, जॉकी पंप होने को जरूरी बताया। यह भी कहा कि बेसमेंट में ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर अलार्म प्रणाली भी होनी चाहिए।
नुकसान की भरपाई करने को तैयार बिल्डर
अपार्टमेंट के बिल्डर आरसी जैन ने बताया कि आग लगने की घटना से जिस किसी का जो भी नुकसान हुआ है, उसकी पूरी भरपाई की जाएगी। इसकी जानकारी जैन ने जांच समिति के समक्ष भी दी है। साथ ही अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को भी इस बारे में बताया है।