वाराणसी। ‘तैरती गृहस्थी’ से आजिज उत्तर रेलवे की लहरतारा कॉलोनी की गृहिणियाें और युवाओं का गुस्सा आखिरकार गुरुवार की दोपहर फूट पड़ा। रसोईं छोड़ वे सड़क पर उतर आईं। फुलवरिया क्रासिंग के पास रेल और सड़क मार्ग दोनों ठप कर दिया। तीन ट्रेनें रोकीं।
साथ ही, सड़क पर चक्काजाम कर रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। ट्रेनों को रोके जाने की जानकारी मिलते ही रेल प्रशासन में खलबली मच गई। स्थिति संभालने में रेल अफसरों और सुरक्षा कर्मियों के भी पसीने छूट गए। करीब आधे घंटे बाद चीफ ट्रैफिक मैनेजर रवि प्रकाश चतुर्वेदी के आश्वासन पर महिलाएं मानीं।
बारिश का दौर शुरू होने के बाद से उत्तर रेलवे की पांचों कॉलोनियों में जलभराव से हालात बदतर हो गए हैं। खासकर लहरतारा कॉलोनी में रास्ते से घरों के अंदर किचन तक पानी भरने से रेल कर्मी परिवार परेशान हैं। तीन दिन पहले भी बारिश से कॉलोनियों के आवासों में पानी भर गया था।
दो दिन में किसी तरह स्थिति कुछ सुधरी तो बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश ने फिर मुसीबत बढ़ा दी। गुरुवार की सुबह पूरी लहरतारा कॉलोनी जलमग्न हो गई। न केवल सड़कें बल्कि घरों, यहां तक कि किचन तक पानी भर गया। गृहस्थी के सामान पानी में तैरते नजर आए।
गंदगी और बदबू से और सांसत हुई। घरों में बैठने तक की ठांव न होने से महिलाएं-बच्चे भी सुबह से घरों के बाहर ही रहे। पहले तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी। डीआरएम एके लाहोटी, सीएमएस डॉ. अर्चना गुप्ता अन्य अफसरों के साथ कॉलोनी में आए।
हालात का जायजा लिया और जलनिकासी के प्रबंधों का आश्वासन देकर निकल गए। लेकिन इसके बाद भी जब दोपहर तक स्थिति नहीं सुधरी तो कॉलोनीवासियों का धैर्य जवाब दे गया। अपराह्न 3:30 बजे कॉलोनी महिलाओं, युवाओं ने फुलवरिया क्रासिंग के पास सड़क पर चक्काजाम कर दिया।
इस बीच, भदोही रेल खंड पर आ रही मालगाड़ी भी रोक दिया। फिर कामायनी और सारनाथ एक्सप्रेस को भी महिलाओं ने आगे बढ़ने नहीं दिया। करीब आधे घंटे पर चीफ ट्रैफिक मैनेजर के आश्वासन पर महिलाएं मानीं। चीफ ट्रैफिक मैनेजर तत्काल कॉलोनी में पहुंचे।
खुद जलभराव वाले हिस्सों में जाकर जायजा लिया और तत्काल जलनिकासी का कार्य शुरू कराया। संबंधित कर्मचारियों को लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। रात तक नाला सफाई और पंप के जरिये जलनिकासी कराई जाती रही।