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काशी जोन के अमित, वरुणा जोन के विक्रांत डीसीपी

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पुलिस कमिश्नरेट में नियुक्त किए गए राजपत्रित अधिकारियों को मंगलवार को उनके नए दायित्व के साथ पुलिस कमिश्नर ने तैनाती दी। पुलिस कमिश्नर ने आईपीएस अमित कुमार-1 को काशी जोन का डीसीपी और आईपीएस विक्रांत वीर को वरुणा जोन का डीसीपी तैनात किया है।
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पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि आईपीएस आदित्य लांग्हे को एडीसीपी मुख्यालय/स्टाफ अफसर/अभिसूचना और आईपीएस विकास कुमार को एडीसीपी यातायात के पद पर तैनात किया गया है। विकास चंद्र त्रिपाठी को एडीसीपी काशी, अनुराग दर्शन को एडीसीपी प्रोटोकॉल, अजय कुमार सिंह को एडीसीपी सुरक्षा और दिनेश कुमार पुरी को एडीसीपी अपराध के पद पर तैनात किया गया है। आईपीएस अभिमन्यु मांगलिक को एसीपी कैंट, नितेश प्रताप सिंह को एसीपी चेतगंज, चक्रपाणि त्रिपाठी को एसीपी भेलूपुर, प्रवीण कुमार सिंह को एसीपी कोतवाली, अवधेश कुमार पांडेय को एसीपी दशाश्वमेध, ज्ञान प्रकाश राय को एसीपी मुख्यालय, रत्नेश्वर सिंह को एसीपी सुरक्षा-1, प्रदीप सिंह चंदेल को एसीपी सुरक्षा-2 और सुरेश प्रसाद त्रिपाठी को एसीपी अभिसूचना के पद पर तैनात किया गया है। अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) के पद पर जल्द ही दो अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
बढ़ेगी पुलिसकर्मियों और पीआरवी की संख्या
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कमिश्नरेट सिस्टम में जल्द ही सिपाही, दरोगा और इंस्पेक्टर के पद भी बढ़ेंगे। इसके साथ ही पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए जल्द ही प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आमजन कमिश्नरेट सिस्टम में खुद बदलाव महसूस करें इसके लिए हरसंभव उपाय किए जाएंगे।
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आईजी रेंज एसके भगत ने दर्शन-पूजन कर संभाला कार्यभार
आईजी रेंज सुवेंद्र कुमार भगत ने मंगलवार की देर शाम बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन कर कार्यभार ग्रहण किया। 1998 बैच के आईपीएस सुवेंद्र कुमार भगत मूल रूप से झारखंड के रहने वाले हैं। वह पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में बतौर कप्तान रहने के साथ ही वाराणसी में डीआईजी रेंज और आईजी जोन के पद पर पूर्व में तैनात रह चुके हैं। उन्होंने प्रशिक्षु एएसपी के पद पर वाराणसी से ही अपने कैरियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह लगभग 18 जिलों के कप्तान के पद पर तैनात रहे। साथ ही, वह एसटीएफ और सीबीआई में भी तैनात रह चुके हैं। आईजी रेंज एसके भगत को राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। बदमाशों व माफिया गिरोहों के बारे में बारीक जानकारी रखने वाले और पुलिस मुठभेड़ में बदमाशों को मार गिराने में महारत हासिल रखने वाले आईजी रेंज भगत को इसी वजह से यूपी पुलिस में एक समय क्राइम कंट्रोल मास्टर भी कहा जाता था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ ने फिर अपने पास बुलाया है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। लगन, मेहनत और ईमानदारी के साथ काम करते हुए कुछ बेहतर और नया करने का प्रयास करेंगे।
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