बीएचयू कैंपस में भारतीय मूल की अमेरिकी शोध छात्रा से रेप व अपहरण की कोशिश और चेन-मोबाइल लूट के मामले में पुलिस की हद दर्जे की लापरवाही सामने आई है। पहले तो पुलिस ने पीड़ित को चुप रहने की हिदायत दी। वह छह दिनों तक थाने पर दौड़ती रही लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी।
आखिरकार जब उसने एसएसपी से गुहार लगाई तब जाकर लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। मामला तूल पकड़ने पर अब पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र एवं देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान बीएचयू में हुई इस शर्मनाक घटना से आहत छात्रा शोध छोड़कर अमेरिका चली गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस मामले में बीएचयू प्रशासन से जानकारी ली है।
वाकया बीते 22 अप्रैल की रात साढ़े सात बजे की है। अमेरिका के न्यू जर्सी निवासी और मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली युवती बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में रस शास्त्र विभाग में प्रो. केआरसी रेड्डी के निर्देशन में रिसर्च कर रही थी। पीड़ित शोध छात्रा के साथ कैंपस में ही पांच आरोपियों ने पहले घेरकर छेड़छाड़, फिर रेप की कोशिश की और इसी के साथ खींचकर ले जाने लगे। छात्रा के ही सुरक्षात्मक प्रयासों के बाद असफल होने पर सोने की चेन और मोबाइल लूटकर भाग गए। किसी तरह बचकर लंका थाने पहुंची छात्रा ने तहरीर दी।
पुलिस ने छह दिन तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़िता ने एसएसपी से मिलकर गुहार लगाई। कप्तान के निर्देश पर पुूलिस ने 28 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन एक भी आरोपी पकड़े नहीं जा सके। महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में पुरुष डॉक्टरों ने उनका मेडिकल टेस्ट किया। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ऐसे मामलों में महिला डॉक्टर ही जांच करेंगी। युवती का कहना है कि काफ ी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। महिला ने शुक्रवार को एक अखबार को ई मेल में पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। वाराणसी में बीएचयू जैसी सुरक्षित स्थान पर भी महिलाएं असुरक्षित हैं।
बीएचयू के चीफ प्राक्टर, प्रो. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि छात्रा से हुई घटना की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को उसी दिन हो गई थी। छात्रा एग्रीकल्चर फार्म हाउस के पास घूमने चली गई थी। बाहरी लोग बाउंड्री के अंदर प्रवेश कर उनके साथ धक्का-मुक्की किए और चेन लूटकर भाग गए। छात्रा से उसी दिन लिखित मांगा गया था ताकि लंका थाने में शिकायत दर्ज करा दी जाए लेकिन उन्होंने कुछ भी लिखकर देने से इंकार कर दिया और चली गई।