वाराणसी के राखी नेवादा गांव में प्रशासन की अनुमति के बगैर रखी गई आंबेडकर प्रतिमा को रविवार को बलपूर्वक हटाया गया। इस दौरान गांव के एक पक्ष के लोगों ने बांस-बल्ली लगाकर पुलिस का रास्ता रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद पुलिस आगे बढ़ी, तो लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सभी को दौड़ाकर लाठियों से जमकर पीटा। रास्ता रोकने और पथराव करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ जंसा थाने में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
जंसा थाना अंतर्गत राखी नेवादा गांव में बंजर जमीन में पांच जनवरी की रात आंबेडकर प्रतिमा स्थापित कर दी गई थी। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीएम राजातालाब से की और आंबेडकर प्रतिमा हटाने की मांग की। शनिवार को पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने प्रतिमा हटाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
रविवार को नायब तहसीलदार सेवापुरी नीरज कुमार राजस्व विभाग की टीम और जंसा व लोहता थाने की फोर्स लेकर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन की टीम प्रतिमा हटाने लगी तो गांव के एक पक्ष के लोगों ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया। प्रशासन की ओर से जेसीबी मंगवा कर रास्ता साफ कराया गया।
इसके बाद मैजिक में प्रतिमा रखकर ले जाने लगे तो रास्ता अवरुद्ध करने वालों ने पथराव शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठियों से पीट कर पथराव करने वालों को खदेड़ा। इंस्पेक्टर जंसा ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों और बगैर अनुमति के प्रतिमा रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।