स्थानीय लोगों का कहना था कि किसी धार्मिक स्थल के गेट पर राजनीतिक या संगठन विशेष का झंडा नहीं लगाया जाना चाहिए, जबकि भीम आर्मी के कार्यकर्ता झंडा हटाने को तैयार नहीं थे। विवाद बढ़ने पर एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना, थाना प्रभारी सधुवन राम गौतम सहित कई थानों की पुलिस और क्यूआरटी टीम मौके पर पहुंची।
एडीसीपी वरुणा लिपि नागायच ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर गेट से झंडा हटवाया और माहौल को शांत कराया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि इस मामले में अज्ञात अराजकतत्वों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि माहौल खराब करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।