- अपने प्रिय शिक्षक को चुनने के साथ-साथ छात्रों ने समझा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में वोट का क्या महत्व होता है। अमर उजाला की यह पहल उनके भविष्य के लिए बेहद प्रेरणादायी है। -आशुतोष कुमार राय, प्रधानाचार्य, मैरी सिटी स्कूल एंड हॉस्टल
- शिक्षक और छात्र के बीच विश्वास और सम्मान ही शिक्षा की असली नींव है। गुप्त मतदान के माध्यम से बच्चों को अपनी भावनाएं और पसंद व्यक्त करने का पारदर्शी मंच मिला। -मधु पाल, प्रधानाचार्य, डायनेमिक इंग्लिश स्कूल
- बच्चों को बचपन से ही लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना समय की मांग है। कतारबद्ध होकर पर्ची डालना और स्याही लगवाना छात्रों के लिए एक नया और अत्यंत उत्साहवर्धक अनुभव रहा। -डॉ. अनीता सिंह, प्रधानाचार्य, रानी मुरार
अमर उजाला की यह पहल सम्मान के साथ भविष्य के मतदाताओं को तैयार करने की एक अनूठी पाठशाला है। छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर यह दिखाया कि वे सही नेतृत्व और मार्गदर्शन की पहचान करना बखूबी जानते हैं। -अशाेक कुमार तिवारी, प्रधानाचार्य, देहरादून पब्लिक स्कूल डोमरी