प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरे, सेंसर और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम ट्रैफिक दबाव के अनुसार व्यवस्था को संचालित करते हैं। एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) के माध्यम से सिग्नल टाइमिंग ट्रैफिक घनत्व के हिसाब से स्वतः बदलती है।
वाराणसी के कैंट, लंका, गोदौलिया, अंधरापुल, चौकाघाट और भेलूपुर जैसे संवेदनशील चौराहों पर ऐसी व्यवस्था लागू होने से राहत मिल सकती है। चंडीगढ़ की तरह सिग्नलों और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी व उल्लंघन-पहचान कैमरों से जुड़े ऑटोमैटिक ई-चालान सिस्टम को और सख्ती से लागू करना भी जरूरी है।
लेन ड्राइविंग, पार्किंग नियम, हेलमेट और सीट बेल्ट पालन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाने होंगे। ट्रैफिक पुलिस को भी सॉफ्टवेयर आधारित ड्यूटी, कैमरा मॉनिटरिंग और संवेदनशील इलाकों में रणनीतिक तैनाती के जरिए और प्रभावी बनाया जा सकता है।