अमन के इस काम में रेड क्राॅस सोसायटी के लोगों ने मदद की। आदिवासी परिवार की सहायता की गई। एक एंबुलेंस कर्मी से बातचीत कर 35 हजार रुपये में उसे तैयार किया गया। उसने भी परिवार की माली हालत को समझा।
बतादें कि परिवार के लोगों से यहीं पर अंतिम संस्कार करने के लिए कहा गया गया था, लेकिन वे आदिवासी परंपरा से इस कार्य को करना चाहते थे तो अधिकारियों ने भी उनकी बातों और संवेदनाओं को समझा।
एंबुलेंस चालक राजकुमार ने बताया कि गुरुवार की शाम तकरीबन पांच बजे वह बनारस से डेडबाॅडी और परिवार को लेकर मध्य प्रदेश के लिए निकल गया। लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी है। सड़क पर ट्रैफिक भी कम ही थी। इसलिए हो सकता है कि अगले दिन समय से पहले ही वहां पहुंच जाऊं।