कोरोना काल चल रहा है, ऐसे में पहले से हृदय व सांस की बीमारी वाले मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। आमतौर पर दीपावाली पर पटाखों का धुआं फेफड़े में जाने से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे लोगों की सेहत पर परिजनों को भी नजर रखनी चाहिए।
डॉ. आरके शर्मा, चेस्ट फिजिशियन, मंडलीय अस्पताल
दीपावली खुशियों का त्योहार है, लेकिन सावधानी भी जरूरी है। विशेषकर तेज आवाज के पटाखों से बचने की जरूरत है। घर के आसपास अगर कोई पटाखा जला रहा है तो खुद ही दूर रहना चाहिए। निर्धारित मानकों से अधिक डेसिबल के आवाज वाले पटाखे नुकसान दायक हो सकते हैं।
डॉ.विश्वम्भर सिंह, नाक, कान-गला रोग विशेषज्ञ, बीएचयू
ठंड के साथ-साथ दीपावाली भी आ रही है। ऐसे में अधिक रोशनी और धुओं के पटाखे आखों के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। पहले से मोतियाबिंद, कम रोशनी सहित आंखों की अन्य बीमारी से परेशान मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. दीपक मिश्रा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बीएचयू