पुलिस जांच के अनुसार चन्द्रजीत यादव ने पहले अपने वास्तविक नाम से पासपोर्ट बनवाया था, लेकिन बाद में इन्द्रजीत नाम से नया पासपोर्ट जारी करा लिया। इसी प्रकार अमरजीत यादव ने पहले एक पते पर पासपोर्ट बनवाया और बाद में नाम व पता बदलकर दूसरा पासपोर्ट हासिल कर लिया। वहीं शिवानंद यादव ने भी पहले अपने नाम से पासपोर्ट बनवाया था और बाद में आनंद यादव नाम से नया पासपोर्ट जारी कराया।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि तीनों भाइयों ने पुराने पासपोर्ट की जानकारी छिपाकर फ्रेश कैटेगरी में नए आवेदन किए। इसके लिए नए दस्तावेज तैयार कराए गए, जो पासपोर्ट नियमों के विपरीत पाए गए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहचान छिपाने और नए दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट प्राप्त करने का प्रयास किया, जो कूटरचना और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मामले में रौनापार थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।