रैलियों और सभाओं के लिए आवेदन और अनुमति की प्रक्रिया को आसान बनाने की चुनाव आयोग की पहल अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। आयोग ने यह पूरी व्यवस्था ऑनलाइन की है लेकिन प्रत्याशी इससे दूरी बनाए हुए हैं। कम से कम वाराणसी की आठों विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों का तो यही हाल है।
यहां अब तक सभाओं, रैलियों के लिए 279 आवेदन किए जा चुके हैं लेकिन इनमें एक भी ऑनलाइन आवेदन नहीं है। सब मैनुअल आवेदन किए गए। जबकि, सुविधा पोर्टल के जरिए आयोग की कोशिश है कि प्रत्याशी कार्यालयों की भागदौड़ करने के बजाए घर बैठे ही आवेदन कर सकें। इससे प्रत्याशी और चुनाव अधिकारी दोनों का समय बचता।
निर्वाचन कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक सभी आठों विधानसभाओं में एक जनवरी से 23 फरवरी तक 279 लोगों की ओर से सभाएं और रैली करने के संदर्भ में आवेदन किए गए लेकिन सभी मैनुअल।
एक भी ऑनलाइन आवेदन नहीं किया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय और राज्यसभा सांसद अमर सिंह की ओर से भी मैनुअल आवेदन ही किया गया था।
अब तक आए आवेदनों में 252 को मंजूरी दी गई जबकि 16 आवेदनों को नामंजूर कर दिया गया। एक आवेदन प्रक्रियाधीन है। इन आवेदनों का विवरण निर्वाचन कर्मियों ने ऑनलाइन किया है।
जबकि, ऑनलाइन आवेदन को प्रोत्साहन देने के लिए आयोग की ओर से उन्हें प्राथमिकता देने को भी कहा गया है। प्रत्याशियों को इसका प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है कि ऑनलाइन आवेदन कैसे करना है।