केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के चांसलर प्रो. हर महेंद्र सिंह बेदी ने कहा कि एशिया के विद्वान आज पंजाब के इतिहास और साहित्य पर विचार कर रहे हैं। गुरु गोबिंद सिंह के साहबजादों के बलिदान ने पूरे भारत के तरुण वर्ग को स्वधर्म निष्ठा के लिए प्रेरित किया। गुरु गोबिंद सिंह के पूरे परिवार के बलिदान ने एशिया को प्रभावित किया है।
वह संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री सद्गुरु रामसिंह जी महाराज पीठ तुलनात्मक धर्म दर्शन विभाग की ओर से वीर बाल दिवस पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने कहा कि जिस आततायी समाज से राष्ट्र के विघटन का खतरा था, उसके विरुद्ध धर्म युद्ध कर सिख गुरुओं ने भारत की संस्कृति की रक्षा की। इस दौरान प्रो. हरपाल सिंह, प्रो. रवींद्र सिंह, डॉ. विनोद बब्बर, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. सुधाकर मिश्र, डॉ. प्रेरणा चतुर्वेदी, डॉ. रेणु द्विवेदी ने विचार व्यक्त किए।
गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों का शहीदी दिवस बुधवार को पंजाबी राजपूत सभा और समूह साध संगत की ओर से श्रद्धा भाव से मनाया गया। छोटे-छोटे बच्चों ने शबद कीर्तन किए। साध संगत ने गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेका। नीचीबाग के हजूरी रागी जत्था भाई रकम सिंह ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल कर दिया।
गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से शबद कीर्तन के बाद अटूट लंगर बरताया गया। हजारों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरुद्वारा कमेटी के मुख्य ग्रंथी जगतार सिंह ने संगत का आभार व्यक्त किया।