रामनगर में जल यातायात के लिए निर्माणाधीन टर्मिनल
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विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं के लिए काशी में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने बड़ी पहल की है। मंत्रालय की योजना यहां ‘ऑल इन वन’ यात्री टर्मिनल बनाने की है। इस टर्मिनल से रेल, सड़क ही नहीं बल्कि मेट्रो और जल परिवहन की भी सीधी कनेक्टिविटी होगी।
मंत्रालय की ओर से इसके लिए सर्वे कराया जा चुका है। काशी रेलवे स्टेशन के पास जगह चिह्नित की गई है। सर्वे करने वाली एजेंसी को ही योजना की डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की जिम्मेदारी मंत्रालय ने दी है।
यह टर्मिनल न सिर्फ यात्री परिवहन का हब बनेगा बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाआें के जरिए उसे इस तरह विकसित किया जाएगा कि पर्यटन के लिहाज से भी पूरी दुनिया में वह अपनी पहचान बनाए।
टर्मिनल के सर्वे और डीपीआर के लिए भूतल परिवहन मंत्रालय ने एटीकरनी ग्रुप से करार किया है। ग्रुप के प्रतिनिधि शुक्रवार को शहर में थे। उन्होंने यहां जल परिवहन के सिलसिले में आए इनलैंड वाटरवेज अथारिटी आफ इंडिया के अधिकारियों से भी मुलाकात की।
उन्हें अपने प्रोजेक्ट के बारे में बताया। काशी स्टेशन के पास की जगह को सबसे अधिक उपयुक्त बताते हुए वहां से जल परिवहन की कनेक्टिविटी पर भी उनसे मंत्रणा की। ग्रुप के अधिकारी तारू अग्रवाल ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि सर्वे रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।
सर्वे में तीन स्थान देखे गए लेकिन काशी स्टेशन को ही फाइनल किया गया है। इसके आसपास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। साथ ही, रेल, रोड, जल (गंगा) और भविष्य में मेट्रो की कनेक्टिविटी भी यहां आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।
यह ऐसा टर्मिनल होगा, जहां देश-विदेश से आने-जाने वालों को एक ही स्थान पर परिवहन के विभिन्न माध्यम उपलब्ध होंगे।