ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से आम जनता को काफी फायदा मिलेगा। घर बैठे सभी प्रकार के दस्तावेज आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इस काम से न केवल रिकॉर्ड सुरक्षित होंगे। बल्कि आम आदमी को भी बार-बार कार्यालय के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसके लिए कंपनी का चयन होना है। - गौरांग राठी, नगर आयुक्त
काम की समय सीमा होगी तय, अधिकारी कर सकेंगे मानिटरिंग
नगर निगम में किसी काम के लिए एक पटल से दूसरे पटल तक कागज जाने में काफी समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में जो काम तीन दिन में होना चाहिए, वह 30 दिनों में भी नहीं हो पाता है। रिकार्डों के ऑनलाइन होने से सभी दस्तावेज अधिकारियों के कंप्यूटर से जुड़े रहेंगे। सबकी समय सीमा निर्धारित होगी। निर्धारित समय सीमा में काम नहीं होने पर संबंधित कर्मचारी और अधिकारी को जवाब देना होगा। इसकी मानिटरिंग उच्चाधिकारी भी आसानी से कर सकेंगे।
रिकार्डों को सुरक्षित करने पर दवा का खर्च बचेगा
नगर निगम के रिकार्डों को सुरक्षित करने के लिए हर साल ढाई लाख रुपये की दवा का छिड़काव होता है। इस व्यवस्था से नगर निगम का खर्च बचेगा और इसका इस्तेमाल दूसरे विकास कार्यों में किया जाएगा। सामान्य दिनों में दीमक और अन्य कीड़े मकोड़े से दस्वावेज को बचाने के लिए दवा का छिड़काव कराना पड़ता है।
निगम के चक्कर लगाने से बचेगी जनता
मकान का दाखिल खारिज या अन्य किसी अनुमति के लिए आम जनता को नगर निगम के मुख्यालय और जोनल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाने से आम जनता अनावश्यक भागदौड़ बच जाएगी। सामान्य दिनों में एक काम को कराने के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं।