दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में पहले कोविड अस्पताल बनाया गया था, लेकिन मरीज नहीं मिलने की वजह से उसे डेंगू वार्ड में परिवर्तित कर दिया गया। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने सभी अस्पतालों के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक से थर्मल स्क्रीनिंग, सीटी स्कैन, ऑक्सीजन, पैथलॉजी जांच के साथ ही मास्क, पीपीई किट, ग्लब्स की व्यवस्था करने के साथ ही मरीजों को जागरूक करने को भी कहा है।
दूसरी और तीसरी लहर में दीनदयाल में 180, बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर को मिलाकर 300 से अधिक बेड पर मरीजों को भर्ती करने की सुविधा थी। फिर से इसे कोविड अस्पताल बनाने से मरीजों को परेशानी नहीं होगी। बेड तक ऑक्सीजन निर्बाध गति से मिलती रहे, इसके लिए प्लांट की भी नए सिरे से निगरानी कराई जा रही है। ताकि जरूरत पड़ने पर कोई असुविधा न हो। बेड, मरीजों की जांच, इलाज में जरूरी दवाएं, उपकरण भी मंगाने की तैयारी है।
अस्पतालों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराया जाएगा। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। जिले के सरकारी अस्पतालों सहित अन्य जगहों पर जांच की पूरी व्यवस्था है। विदेश से लौटने वाले लोगों को चिन्हित कर उनकी कोविड जांच कराई जाएगी। जीनोम सिक्वेंसिंग भी कराई जाएगी। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ वाराणसी
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख शहर में जागरूकता अभियान शुरू हो गए हैं। बृहस्पतिवार को अस्सी घाट पर अर्चकों ने मास्क पहन कर गंगा आरती की। जय मां गंगा सेवा समिति के आयोजक आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि जागरूकता फैलाने के लिए अर्चकों ने मास्क पहनाकर गंगा आरती की।