जालसाज डेटा चोरी कर ठगी को अंजाम देते हैं
साइबर क्राइम एक्सपर्ट विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि साइबर जालसाज प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता योजना के नाम पर डेटा चोरी कर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। जिस पेज पर विवरण भरना है, वह गूगल फॉर्म के रूप में खुल रहा है। विवरण भरने के कुछ दिन बाद साइबर ठग फोन कर योजना की पात्रता की जांच के नाम पर अन्य जानकारियां हासिल कर तगड़ी चपत लगा रहे हैं। इसलिए सही सरकारी वेबसाइट पर ही सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।
इस तरह निशाना बना रहे जालसाज
साइबर क्राइम एक्सपर्ट विजय ने बताया कि व्हाट्सएप पर जो अनजान लिंक प्राप्त हो रहे हैं, वे अपनों द्वारा ही भेजे जाते हैं। लिंक में स्टेनोग्राफी तकनीक के जरिये रिमोट एक्सेस ट्रोजन (रैट) अटैच कर जालसाज मोबाइल फोन में एक्सेस प्राप्त कर चूना लगा रहे हैं। लिंक को क्लिक करते ही बैकग्राउंड में रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड हो जाता है, जो स्क्रीन पर दिखाई नहीं देता।
त्योहार के समय में ऑफर के ई-मेल और लिंक से सतर्क रहें
साइबर क्राइम एक्सपर्ट विजय ने कहा कि होली नजदीक है। इसे देखते हुए साइबर जालसाज भी सक्रिय हो गए हैं। जालसाज लोगों को नामीगिरामी कंपनी के नाम से छूट के ई-मेल और लिंक भेजते हैं। ई-मेल और लिंक पर क्लिक करते ही जालसाज निजी डेटा हैक कर लेते हैं और फिर बैंक खाते में सेंध लगाते हैं। इसलिए यदि किसी कंपनी का कोई उत्पाद खरीदना है या छूट की जानकारी लेनी है तो सीधे उसकी वेबसाइट को ही एक्सेस करें। अन्यथा की स्थिति में साइबर क्राइम का शिकार होने में देर नहीं लगेगी।