वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र स्थित अक्षयवट वृक्ष के धराशायी होने की जांच शुरू हो चुकी है। वहीं, काशी के संत समाज ने मंदिर प्रशासन से अक्षयवट को वापस उसी स्थान पर लगाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन की राह अपनाएंगे।
अखिल भारतीय संत समिति और पाताल पुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास ने मंदिर प्रशासन से मांग की है कि अक्षयवट को उसी स्थान पर लगाया जाए। कहा कि वर्तमान में ऐसी तकनीक है जिसके जरिए गिरे वृक्षों को पुन: लगाया जा सकता है। अक्षयवट को भी वापस उसी स्थान पर गहरा गढ्ढा खोदकर स्थापित किया जाए। मंदिर प्रशासन अगर ऐसा नहीं करता है तो संत समाज को आंदोलन की राह अपनाने के लिए विवश होना पड़ेगा। बता दें कि बुधवार की सुबह अक्षयवट वृक्ष धराशायी हो गया था। वहीं, मंदिर प्रशासन की ओर से घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज निकलवाए गए हैं और उनकी जांच की जा रही है। संभावना है कि एक से दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। सीईओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।