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अखिलेश ने योगी सरकार पर इस तरह साधा निशाना, सीएए-112 और इंजीनियर्स पर कही ये बात

Wed, 29 Jan 2020 08:07 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र के आंधीपुर गांव पहुंचे। जहां उन्होंने सपा नेता स्व. रामकृष्ण यादव के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। इसके बाद अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री स्व. रामनरेश यादव के घर पहुंचे, जहां उन्होंने उनके भाई डॉ सुरेश यादव से मिलकर हालचाल लिया। इसके बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

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मीडिया कर्मियों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है। बीजेपी गाय और अन्य तमाम मुद्दों को लेकर सरकार में आई थी। लेकिन अब उसकी भाषा बदल गई है। उन्होंने कहा कि जो मुल्क जितना पढ़ा लिखा है वह उतना ही आगे बढ़ा। इसलिए शिक्षा सबके लिए जरूरी है। हमारे बाबा मुख्यमंत्री ने अभी इंजीनियरों को सांड़ के पीछे लगा दिया है। जब बीजेपी कुछ नहीं कर पाई तो जनता का ध्यान बंटाने के लिए एनआरसी, सीएए और एनपीआर जैसे मुद्दे लेकर आई है।

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100 नंबर को 112 नंबर कर दिया लेकिन गाड़ियों के टायर नहीं बदले गए। बीजेपी को समाजवादी शब्द से परेशानी है। हमने दो साल में एक्सप्रेसवे बनाकर दिखा दिया। लेकिन ये लोग आजमगढ़ का एक्सप्रेसवे तीन साल में भी नहीं बना पाए।

पुलिस भी एनआरसी से नाराज है। बाप-दादा के जमाने के घर के कागज कहां से कोई ढूंढ़कर लाएगा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के प्रति नफरत फैलाने के लिए बीजेपी एनआरसी लेकर आई है। देश को हिंदू, मुसलमान सबने मिलकर आजाद कराया है। नौजवानों को नौकरी न देनी पड़े, इसलिए तरह-तरह के मुद्दों में जनता को भटकाया जा रहा है।

देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध लगातार हो रहे हैं। लेकिन बाबा मुख्यमंत्री गंगा यात्रा पर गए हैं। सरकार द्वारा लाया गया एनआरसी संविधान की भावना के विपरीत है।
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बुजुर्ग से पूछा कौनो कागजात रखले हवा
आंधीपुर गांव पहुंचे अखिलेश यादव सीएए को लेकर काफी संजीदा नजर आए। उन्होंने गांव के बुजुर्ग व्यक्ति रामफेर से भोजपुरी भाषा में पूछा कौना कागजात रखले हवा बाप-दादा के जमाने क जवने से तोहार नागरिकता सिद्ध होवे। रामफेर ने उनकी बातों को सुनने के बाद नहीं में जवाब दिया और कहा कि ई लोग पहले के जमींदारी प्रथा के वापस ले आवल चाहत हौ। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हंसते हुए आगे बढ़ गए।
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