पुलिस भी एनआरसी से नाराज है। बाप-दादा के जमाने के घर के कागज कहां से कोई ढूंढ़कर लाएगा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के प्रति नफरत फैलाने के लिए बीजेपी एनआरसी लेकर आई है। देश को हिंदू, मुसलमान सबने मिलकर आजाद कराया है। नौजवानों को नौकरी न देनी पड़े, इसलिए तरह-तरह के मुद्दों में जनता को भटकाया जा रहा है।
देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध लगातार हो रहे हैं। लेकिन बाबा मुख्यमंत्री गंगा यात्रा पर गए हैं। सरकार द्वारा लाया गया एनआरसी संविधान की भावना के विपरीत है।
बुजुर्ग से पूछा कौनो कागजात रखले हवा
आंधीपुर गांव पहुंचे अखिलेश यादव सीएए को लेकर काफी संजीदा नजर आए। उन्होंने गांव के बुजुर्ग व्यक्ति रामफेर से भोजपुरी भाषा में पूछा कौना कागजात रखले हवा बाप-दादा के जमाने क जवने से तोहार नागरिकता सिद्ध होवे। रामफेर ने उनकी बातों को सुनने के बाद नहीं में जवाब दिया और कहा कि ई लोग पहले के जमींदारी प्रथा के वापस ले आवल चाहत हौ। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हंसते हुए आगे बढ़ गए।