अखिलेश यादव को सोमवार को भी कई कार्यक्रमों में शामिल होना था। इससे मिलने के होड़ में कार्यकर्ता धक्का-मुक्की करने लगे। इसमें एक दरवाजा भी क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने खदेड़ा तो हंगामे जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद अखिलेश सर्किट हाउस से रहना हो गए।
वो पहलवान मूर्ति के पास हरवंशपुर में बलिहारी बाबू के आवास पर पहुंचे तो सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ भी आम लोगों की भीड़ से आजमगढ़-वाराणसी मार्ग के साथ ही पहलवान मूर्ति से बवाली मोड़ तक का क्षेत्र जाम हो गया। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर में अखिलेश यादव के विधायक दुर्गा यादव के गांव निकलने के बाद तक यही स्थिति बनी रही।
पुलिस की चारों तरफ दिखी घेराबंदी
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के जिले में होने और सपा की ओर से किसानों के समर्थन में सोमवार को धरना-प्रदर्शन के एलान से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही हलकान दिखे। इस आशंका में कहीं अखिलेश धरने में शामिल न होने सुबह से ही सर्किट हाउस से लेकर कलक्ट्रेट तक पुलिस ने घेराबंदी कर ली थी।
कलक्ट्रेट के आसपास काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। हालांकि अखिलेश यादव को कार्यक्रमों को लेकर सपा की ओर से किसानों के समर्थन में किए गए धरने के एलान को वापस ले लिया गया। इसके बाद भी पुलिस फोर्स मुस्तैद थी। अखिलेश यादव के विदायक दुर्गा यादव के गांव निजी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निकलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से राहत की सांस ली।