उन्होंने काशी के बदलते स्वरूप की भी सराहना की। अभिनेता ने कहा कि शहर में हाल के वर्षों में काफी सकारात्मक बदलाव हुए हैं और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं पहले की तुलना में बेहतर हो गई हैं। उन्होंने साफ-सफाई, व्यवस्थाओं और सुगम दर्शन व्यवस्था की भी प्रशंसा की।
अपने अभिनय करियर को लेकर अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि उनकी शुरुआत बचपन से ही हो गई थी। गांव में दुर्गा पूजा के दौरान होने वाले नाटकों में वह हिस्सा लिया करते थे। उन्होंने बताया कि एक बार एक नाटक में छोटे बच्चे की भूमिका के लिए उन्हें चुना गया, जो उनके लिए बेहद खुशी का पल था। उस समय गांव में बिजली नहीं थी और लालटेन की रोशनी में ही नाटक की तैयारियां होती थीं। उन्होंने कहा कि उसी अनुभव ने उन्हें अभिनय से जोड़ा और तब से आज तक वह इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।