रविवार सुबह भी वह बंदियों से कन्नी काटता रहा। इस बीच समर को जानने वाले बंदियों ने उससे दुआ-सलाम भी किया, लेकिन उसने किसी को जवाब नहीं दिया। रविवार को समर ने जेल की कैंटीन से चाय और समोसा खरीदा। रविवार को समर से मुलाकात करने के लिए उसका कोई परिजन जिला जेल नहीं पहुंचा था। उधर, आकांक्षा दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने के एक अन्य आरोपी आजमगढ़ के बिलरियागंज क्षेत्र के गद्दोपुर गांव निवासी संजय सिंह की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।
पुलिस के अनुसार आकांक्षा दुबे की आत्महत्या की गुत्थी तभी सुलझेगी, जब आरोपी समर सिंह से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। आज प्रभावी तरीके से दलीलें प्रस्तुत कर अदालत से समर को 72 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने का अनुरोध किया जाएगा। अब तक की पूछताछ में समर से कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उसका डेटा भी रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।