आकांक्षा दुबे-समर सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
पूछताछ करने वाली पुलिस टीम के अनुसार समर का मोबाइल और आकांक्षा के साथ उसके फिल्म एग्रीमेंट व लेनदेन संबंधी कागजात को भी बरामद किया जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समर सिंह को लखनऊ और मुंबई के गोरेगांव स्थित उसके ऑफिस ले जाया जाएगा।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के पहले दिन समर सिंह खुद को बेकसूर बताता रहा। पूछताछ में वह सहयोग तो कर रहा है, लेकिन घुमा-फिराकर यही दोहराने लग जा रहा था कि आकांक्षा की आत्महत्या से उसका कोई वास्ता नहीं है। अगर वह कसूरवार होता तो आकांक्षा सुसाइड नोट लिखतीं और उसे दोषी ठहरातीं। या फिर, अपने किसी अन्य करीबी को यह जरूर बताती कि वह समर के चलते आत्महत्या करने के लिए विवश हुई है। समर ने कहा कि उसका भविष्य बर्बाद करने के लिए उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
ये भी पढ़ें: ज्योतिषियों की शरण में नेताजी! नामांकन से पहले की जा रही है किस्मत के सितारों की गणना
समर की पुलिस कस्टडी रिमांड की अवधि गुरुवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई थी। इससे पहले बुधवार को पुलिस ने उसे सात दिन की कस्टडी रिमांड पर देने के लिए अदालत से अनुरोध किया था। लेकिन, गुरुवार को जब समर को कस्टडी रिमांड पर लेने की बारी आई तो सारनाथ थाने की पुलिस सुस्त दिखी और लगभग छह घंटे की देरी से शाम चार बजे जिला जेल पहुंची।
इस संबंध में पूछे जाने पर पुलिस ने सफाई दी कि विवेचक मुकदमे से संबंधित साक्ष्य के संकलन की कार्रवाई में जुटे थे। इसी वजह से उन्हें जिला जेल पहुंचने में देरी हुई।