आकांक्षा दुबे-समर सिंह
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वहीं, दूसरी ओर बचाव पक्ष की दलील थी कि आकांक्षा दुबे का आरोपी से बीते छह माह से कोई संबंध नहीं था। उसे फंसाया गया है। अदालत ने लंबी बहस के बाद आदेश सुरक्षित रखा है। बता दें कि बीते 26 मार्च को आकांक्षा दुबे सारनाथ स्थित एक होटल के कमरे में मृत मिली थीं। आकांक्षा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में समर सिंह और उसका दोस्त संजय सिंह जिला जेल में बंद है।
मऊ थी समर की लोकेशन
प्रभारी डीजीसी ने बताया कि 25 मार्च की रात 2:14 पर आकांक्षा दुबे ने समर सिंह को फोन किया, तब उसने कॉल रिसीव नहीं की थी। 2:15 बजे उससे 41 सेकंड आकांक्षा की बात हुई थी। उस समय उसकी लोकेशन मऊ थी। 26 मई की सुबह समर की लोकेशन चांदमारी क्षेत्र के जयप्रकाश नगर के पास मिली। 10:30 बजे समर अपने दो साथियों के साथ मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट गया। वहां आकांक्षा की मौत की सूचना पाकर वह लौट आया और सड़क मार्ग से लखनऊ में सह आरोपी संजय सिंह के यहां गया। छह अप्रैल की देर रात वह गाजियाबाद से गिरफ्तार हुआ।