अजय अग्रवाल ने काशी के गंगा स्वच्छता अभियान और नगवां नाले से गंगा की बदहाली पर कहा कि पांच वर्षों में भी गंगा की सूरत नहीं बदली। दावे और वादे बड़े-बड़े किए गए, लेकिन जमीन पर कार्य नहीं हुआ। यदि होता तो गंगा की हालत में सुधार होता।
एसटीपी बनाकर पीएम ने फोटो तो खिंचवाली, लेकिन उन्हें पहले यह देखना चाहिए था कि वाराणसी में गंगा में गिरने वाली गंदगी की मात्रा कितनी है और एसटीपी की क्षमता कितनी है।
अजय अग्रवाल ने कहा कि भाजपा केवल मीडिया में बयानबाजी करने में मस्त है, लेकिन उसे जनता से कोई सरोकार नहीं है। काशी गंगा तट पर बसी है और जल का स्रोत केवल गंगा है। आज दूषित गंगा का जल पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं।