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UP: दिल्ली-मुंबई की फ्लाइट का बढ़ा किराया, 3000 की जगह देने पड़ रहे 20 हजार; ATF के बढ़ते दाम के कारण परेशानी

Mon, 13 Jul 2026 02:49 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

दिल्ली और मुंबई के लिए हवाई यात्रा महंगी हो गई है। एटीएफ के बढ़ते दाम के कारण विमानन कंपनियों ने टिकट किराये में भारी बढ़ोतरी की है। दिल्ली का किराया 3,000 रुपये से बढ़कर 20 हजार और मुंबई का 6 हजार से बढ़कर 22 हजार रुपये तक पहुंच गया है, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
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एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कमी और बढ़ती कीमतों का असर अब हवाई यात्रियों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से संचालित उड़ानों के किराये में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू और पुणे जैसे प्रमुख शहरों के लिए हवाई टिकट तीन गुना तक महंगे हो गए हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराये में भी करीब 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। विमानों की संख्या घटने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है।

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एयरलाइन कंपनियों के अनुसार एटीएफ के बढ़ते दाम, सीमित उड़ानें और यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग के कारण टिकट दरों में इजाफा किया गया है। सामान्य दिनों में वाराणसी से मुंबई का किराया चार से छह हजार रुपये के बीच रहता था, जो अब बढ़कर 11 से 22 हजार रुपये तक पहुंच गया है। दिल्ली का किराया 2,500 से 3,000 रुपये से बढ़कर 9 से 20 हजार रुपये तक हो गया है। बंगलूरू के लिए टिकट 18 हजार रुपये से अधिक में मिल रहा है, जबकि हैदराबाद का किराया भी 15 हजार रुपये के पार पहुंच गया है।

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इसी तरह कोलकाता के लिए एक स्टॉप वाली उड़ानों का किराया 10 से 25 हजार रुपये तक पहुंच गया है। जम्मू के लिए सामान्य दिनों में करीब छह हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब यात्रियों को 18 हजार रुपये से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। विदेश जाने वाली उड़ानों के किराये में भी लगभग 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से प्रतिदिन करीब 80 से 90 उड़ानों का संचालन होता है। इन दिनों एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य जारी है। इसके अलावा स्पाइसजेट की पांच उड़ानें बंद होने से उपलब्ध उड़ानों की संख्या भी कम हो गई है। विमानन कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और उड़ानों की सीमित उपलब्धता के कारण किराये बढ़ाए गए हैं। उनका कहना है कि एटीएफ के दाम कम होने और उड़ानों की संख्या बढ़ने के बाद ही यात्रियों को किराये में राहत मिलने की उम्मीद है।
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