सुरक्षा की कमान संभालने के लिए 50 राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती होगी। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए 100 एंबुलेंस तैनात रहेंगी। गंगा में बचाव कार्यों के लिए 15 जल एंबुलेंस पूरी तरह तैयार रहेंगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए 50 दमकल वाहन तैनात किए जाएंगे।
सुरक्षा के लिए 10000 पुलिसकर्मियों, एटीएस कमांडो, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात किया जा रहा है। 25 वॉच टावर और 60 अस्थायी पुलिस थाने स्थापित किए जा रहे हैं, जहां सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी।
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पांच हजार पुलिसकर्मियों को मेहमानों के साथ शालीनता से बातचीत करने, उनकी समस्याएं सुनने और संयम बनाए रखने की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। मुख्य मार्गों और घाटों पर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रवेश-निकास मार्गों, बैरिकेडिंग, पार्किंग और ड्रॉपिंग जोन बनाए जा रहे हैं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित, बेहतर संवाद और व्यवहार को लेकर पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। देश, विदेश से आने वाले अतिथियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष जोर है।