काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए चल रहे ध्वस्तीकरण से हो रहे प्रदूषण को कम करने के लिए जल्द ही मंदिर परिसर में एक एयर प्यूरीफायर लगाया जाएगा। मंदिर प्रशासन जिला प्रशासन व एक कंपनी के सहयोग से ट्रायल के रूप में या एयर प्यूरीफायर लगाए जा रहा है, ताकि मंदिर के आसपास की आबोहवा को शुद्ध बनाए जा सके।
मंदिर कॉरिडोर के लिए भवनों की खरीदी के बाद उसमें से कुछ भवनों को तोड़ने का भी काम चल रहा है। इसके लिए लगभग 3000 मजदूर प्रतिदिन रात में 11 बजे से लेकर सुबह ध्वस्तीकरण का कार्य कर रहे हैं।
इस ध्वस्तीकरण के चलते जो धूल उड़ रही है, उससे मंदिर और मंदिर के आसपास करीब तीन-चार किलोमीटर तक की हवा पूरी तरह से प्रदूषित हो गई है। देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु भी इस धूल और प्रदूषण से परेशान हो रहे हैं।
इस परेशानी को देखते हुए मंदिर प्रशासन में जिला प्रशासन के सहयोग से एक कंपनी से एयर प्यूरीफायर लगाने की वार्ता की है। कंपनी मंदिर परिसर में एक मशीन लगा रही है। इस मशीन की कीमत करीब 15 लाख बताई जा रही है।