विकास भवन में अधिकारों संग बैठक करते आशीष तिवारी सदस्य सचिव, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं निदेशक पर्यावरण ।
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वाराणसी स्थित विकास भवन में शुक्रवार को जिला पर्यावरण समिति की बैठक हुई। इसमें नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि रोजाना रात में शहर के संवेदनशील मार्गों की डस्ट सफाई के साथ वाटरिंग की जा रही है। अर्दली बाजार में पहले ही एयर क्वालिटी इंडेक्स की मशीन काम कर रही है। इसके अलावा बीएचयू, सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज और राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में 1.4 करोड़ की लागत से मशीनें स्थापित की जाएंगी।
इन तीनों केंद्रों की स्थापना से पूरे शहर की वायु गुणवत्ता के आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। इस दौरान बैठक में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव व निदेशक पर्यावरण आशीष तिवारी ने कहा कि शहर में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण धूलकण हैं। शहर का एयर क्वालिटी सुधारने के लिए डस्ट कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। बैठक के पूर्व सचिव ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रस्तावित सतत परिवेशीय वायु अनुश्रवण केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
बैठक में उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को शहर के एयर क्वालिटी में सुधार लाने के निर्देश दिए। निदेशक आशीष तिवारी ने नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत वाराणसी की हवा को शुद्ध करने के लिए कार्ययोजना तैयार करें। इसमें वैक्यूम क्लीनर और डस्ट सकर को भी शामिल करें। निदेशक ने कहा कि शहर की हवा को शुद्ध करने के लिए सभी को मिलजुलकर काम करना होगा। बैठक में वन संरक्षक प्रमोद कुमार गुप्ता, डीएफओ महावीर कौजालगी और क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह मौजूद रहे।