एअर इंडिया ने ईजी कनेक्ट उड़ानें शुरू कीं। ऐसे में यूरोप, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया जाने वाली उड़ानों के लिए चेक-इन और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी होगी।
एअर इंडिया ने सरकार के हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत पहली उड़ानों के लिए बुकिंग शुरू कर दी है। इन्हें ईजी कनेक्ट उड़ानों के रूप में पेश किया जा रहा है। इससे बड़े हब से दूर के शहरों के यात्री अपने शुरुआती एयरपोर्ट पर ही सामान जमा कर सकेंगे और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इस तरह बाबतपुर एयरपोर्ट से ही यात्रा करने वाले लोगों की यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। वाराणसी से इसकी शुरुआत 25 जून से होगी।
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एअर इंडिया चरणबद्ध तरीके से हब-एंड-स्पोक मॉडल को कई और शहरों में विस्तारित कर रहा है। इसी के तहत वाराणसी में ईजी कनेक्ट उड़ानों को शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से बड़े पैमाने पर आसान इंटरनेशनल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। एअर इंडिया के स्टेशन मैनेजर आतिफ इदरीश ने बताया कि हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत वाराणसी जैसे ‘स्पोक’ शहरों को दिल्ली जैसे बड़े ‘हब’ एयरपोर्ट्स से जोड़ा जाता है। जहां से यात्री आसानी से एअर इंडिया के बड़े ग्लोबल नेटवर्क का एक्सेस पा सकते हैं। इससे छोटे शहरों के यात्री एक ही हब के माध्यम से विदेशों तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
यह होगा लाभ
आखिरी गंतव्य तक सीधे चेक-इनः वाराणसी जैसे टियर 2 और टियर 3 शहरों से यात्रा करने वाले यात्री अपने होम एयरपोर्ट पर ही आखिरी अंतर्राष्ट्रीय गंतव्य तक के लिए चेक-इन कर सकते हैं। उन्हें हब एयरपोर्ट (जैसे दिल्ली) पर अपना सामान लेने या दोबारा चेक-इन करने की जरूरत नहीं होगी।
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शुरुआती एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन
यात्री अपने शुरुआती एयरपोर्ट पर ही इंटरनेशनल इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। इससे उन्हें हब पर लंबी कतारों में लगने और प्रोसेसिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हब’ एयरपोर्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा होगी आसान
यात्री अंतरराष्ट्रीय यात्री की तरह दिल्ली जैसे हब एयरपोर्ट से होकर निकलेंगे, जिससे कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ना तेज और ज्यादा आसान हो जाएगा।