उधर, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने भी शिवपाल यादव से मुलाकात की थी। वहीं, सुभासपा और आजाद समाज पार्टी के बीच भी बातचीत का दौर जारी है। ऐसे में ओवैसी की पूर्वांचल में मौजूदगी से सियासी सरगर्मी तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल विधानसभा चुनाव अगले साल होंगे, इससे पहले मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए सियासी दल कोई मौका नहीं छोड़ना चाहेंगे।
यहां बता दें कि विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा और सुभासपा के बीच गठबंधन हुआ था। अजगरा विधानसभा में संयुक्त रैली में गठबंधन की घोषणा के बाद विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल की कई सीटों पर बंटवारा हुआ था। मगर, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद यह गठबंधन टूट गया। इसके बाद से ही सुभासपा नए साथियों के साथ अपनी सियासत को पूर्वांचल में मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
जौनपुर में योगी सरकार पर तीखा हमला
वाराणसी के बाद अखिलेश यादव मंगलवार को जौनपुर पहुंचे। वह बरसठी ब्लॉक के आदमपुर निगोह स्थित श्रीराम महाविद्यालय में पूर्व विधायक और कैबिनेट मंत्री पारस नाथ यादव की जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला।
अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग बुलडोजर लेकर घूम रहे हैं, वो पहले यह बताएं कि बुलडोजर कहां चलना चाहिए। जिनके घर के नक्शे पास नहीं है उनके घरों पर या जहां 50 साल की महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों के घरों पर। सांसद अखिलेश यादव ने लोगों से कहा कि यह आखिरी चुनाव है इस बार जरूर समाजवादी पार्टी को जिता देना। अगर नहीं जीते तो उम्मीद मत रखना कि लोकतंत्र जिंदा रहेगा।