डॉ. राजीव
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आईआईटी बीएचयू के पूर्व निदेशक और आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर इमेरिटस डॉ. राजीव संगल ने छात्रों के साथ एआई पर संवाद किया। भारत की राष्ट्रीय भाषा एआई मिशन के प्रमुख वास्तुकर्ता मंगलवार को परिसर स्थित एबीएलटी कॉम्प्लेक्स पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एआई डेटा आधारित है लेकिन एआई सिस्टम के विकास के लिए डोमेन ज्ञान बहुत जरूरी है। समझ के बिना उत्साह की भावना से सावधान रहना होगा।
उन्होंने कहा कि एआई के विकास और उपयोग में संतुलन और नियंत्रण जरूरी है। जिससे इसके नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकेगा। 1990 के दशक के आईटी आउटसोर्सिंग उद्योग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने सेवाओं के क्षेत्र में सफलता प्राप्त की लेकिन उत्पाद विकास में पीछे रह गया।
प्रो. संगल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या भारत इस बार एआई के क्षेत्र में एक अलग मार्ग अपना सकता है। भारत में उच्च गुणवत्ता वाले प्रासंगिक डेटा की कमी के चलते यह प्रमुख चुनौती है। भाषिनी मिशन के बारे में उन्होंने बताया कि इसकी परिकल्पना साल 2018-19 में प्रधानमंत्री की विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार परिषद की ओर से की गई थी।