आरोपियों ने बताया कि 28 फरवरी की रात रामजनम घर आया था। रात में भोजन के बाद दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में राजवंश ने देख लिया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसमें पहले गला दबाया गया और फिर दोनों ने मिलकर रस्सी से गला कसकर राजवंश की हत्या कर दी। बाद में साक्ष्य छिपाने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया।
घटना को आत्महत्या दिखाने के लिए राम दुलारी ने सुबह रोने-चिल्लाने का नाटक किया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने एक अन्य व्यक्ति को झूठे मामले में फंसाकर आर्थिक लाभ लेने की भी साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त रस्सी बरामद की है। मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।