आईआईटी बीएचयू अपने यहां पर युवा उद्यमियों को अपना व्यापार सफल के लिए जगह देने के साथ ही बाजार और निवेशकों से भी जोड़ेगा। संस्थान के आरकेवीवाई रफ्तार कृषि-व्यापार इनक्यूबेटर की ओर से इसके लिए एक गूगल फॉर्म भी जारी कर दिया गया है।
आईआईटी बीएचयू में एग्रो स्टार्टअप को चार लाख से लेकर 25 लाख रुपये की सहयोग राशि और मेंटरशिप दी जाएगी। इसकी फंडिंग भारत सरकार की ओर से होगी। आईआईटी बीएचयू अपने यहां पर युवा उद्यमियों को अपना व्यापार सफल के लिए जगह देने के साथ ही बाजार और निवेशकों से भी जोड़ेगा। संस्थान के आरकेवीवाई रफ्तार कृषि-व्यापार इनक्यूबेटर की ओर से इसके लिए एक गूगल फॉर्म भी जारी कर दिया गया है। जिसे ऑनलाइन भरना होगा।
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प्रस्फुटन, सृजन और अंकुरण कैटेगरी में बंटेगी धनराशि
फंडिंग की तीन कैटेगरी बनाई गई है। प्रस्फुटन (सीड स्टेज) में 25 लाख, सृजन (प्री-सीड स्टेज) में पांच लाख और अंकुरण (छात्र उद्यमिता) के तहत चार लाख रुपये की मदद राशि दी जाएगी। यह आरकेवीआई रफ्तार का नौवां बैच होगा। इसके लिए पात्रता स्टार्टअप का उत्तर प्रदेश में पंजीकृत होना जरूरी है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई तय की गई है।
बेहतर बिजनेस आइडिया वालों को देना होगा प्रजेंटेशन
आईआईटी बीएचयू की ओर से आए हुए आवेदनों में सर्वश्रेष्ठ बिजनेस आइडिया को चुना जाएगा। फिर आईआईटी से लेकर दिल्ली तक दो स्तर पर इनका प्रजेंटेशन होगा। उसके बाद ही फंडिंग की धनराशि दी जाएगी। धनराशि पाने वाले स्टार्टअप को संस्थान में ऑफिस, एग्रो इंटरप्रेन्योरशिप ओरिएंटेशन, इंक्यूबेशन सुविधाएं के साथ ही मेंटर, इन्वेस्टर्स और बाजार से जोड़ा जाएगा।