महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 48वां दीक्षांत समारोह जुलाई के अंतिम सप्ताह में मनाया जाएगा। राजभवन की ओर से जुलाई में समारोह मनाए जाने के फैसले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 25 से 28 जुलाई तक की तिथि प्रस्तावित की है। कुलपति ने कुलाधिपति और प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को ये तिथियां भेजी हैं। इन्हीं तीन दिन में से किसी एक तिथि पर कुलाधिपति की मुहर लगनी है। विश्वविद्यालयों का सत्र नियमित करने के उद्देश्य से ही कुलाधिपति ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में जुलाई महीने में ही दीक्षांत समारोह कराने का निर्णय लिया है। हाल ही में कुलपतियों के साथ ही हुई बैठक में भी इसकी जानकारी दी जा चुकी है।
मुख्य समारोह से पहले पांच दिन चलेगा महोत्सव
काशी विद्यापीठ में अब जबकि तिथि भी प्रस्तावित कर दी गई हैं, ऐसे में कमेटियों के गठन, मुख्य अतिथि के नाम पर चर्चा, पदक, पुरस्कार आदि की दिशा में भी कार्रवाई शुरू हो गई हैं। दीक्षांत समारोह वाले दिन से करीब पांच दिन पहले से ही विश्वविद्यालय में दीक्षांत महोत्सव मनाया जाएगा। इसके तहत पांचों दिन अलग-अलग प्रतियोगिताएं/कार्यक्रम कराए जाएंंगे। राज्यपाल की ओर से फाइनल तिथि घोषित करने के बाद दीक्षांत महोत्सव की तिथि भी जारी कर दी जाएगी।
जैसे-जैसे परीक्षा खत्म, कराया जा रहा है मूल्यांकन
दीक्षांत समारोह में किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए काशी विद्यापीठ में जून तक सेमेस्टर परीक्षाएं कराकर उसका परिणाम भी जुलाई के पहले सप्ताह तक जारी करने की तैयारी है। परीक्षा विभाग की ओर से जैसे-जैसे परीक्षा होती जा रही हैं, कापियों की जांच भी कराई जा रही हैं। नये सत्र में दाखिले के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया भी जुलाई के अंतिम सप्ताह तक पूरी कराने की भी तैयारी है।
विश्वविद्यालय की ओर से जुलाई में 25 से 28 तक की तारीख तय कर कुलाधिपति को भेजी गई हैं। इसमें से किसी एक तिथि पर मुहर लगाए जाने की स्वीकृति मिलने के बाद बाकी तैयारियां शुरू हो जाएंगी। -प्रो.एके त्यागी, कुलपति