वाराणसी जिले के चांदमारी के रहने वाले हरीश सिंह ने केंद्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में कबड्डी खेलना शुरू किया। तीन साल तक लगातार स्कूली नेशनल गेम में बनारस का नाम रोशन किया। अग्निवीर में छह माह तक ट्रेनिंग के बाद छह महीने की नौकरी भी की, लेकिन छुट्टी नहीं मिली तो इस्तीफा देकर वाराणसी लौट आए।
हरीश ने बताया कि 2015 में सातवीं में पढ़ते थे, तब से कबड्डी खेलना शुरू किया। केवी के रीजनल स्पोर्ट्स में प्रतिभाग किया। 2016 से लगातार तीन साल तक केंद्रीय विद्यालय की ओर से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेला।
आगे खेलने के लिए परिवार से अनुमति नहीं मिली। इसके बाद रेगुलर पढ़ाई छोड़ दी। घर वाले नहीं माने तो इंडियन रेलवे में कार्यरत बीरेंद्र पाल ने परिवार को समझाया। 2020 में मातेश्वरी क्लब बावन बीघा में खेलने का मौका मिला।
सात घंटे रोज अभ्यास करते थे। मूलरूप से चंदौली के धानापुर के निगुरा निवासी हरीश ने लगातार दो साल तक चंदौली की ओर से स्टेट खेला। 2022 से बनारस से खेलना शुरू किया।