विरोध प्रदर्शन के चलते वाराणसी में फंसे कर्नाटक के यात्रियों को रविवार को पर्यटन विभाग ने परिवहन विभाग के सहयोग मैसूर जिले के मंडया भिजवाया। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव के मुताबिक शनिवार को ट्रेन निरस्त होने के चलते कर्नाटक से आए 72 लोग वाराणसी में फंस गए। इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर गोदौलिया स्थित जंगमबाड़ी मठ में रहने खाने पीने आदि का प्रबंध कराया गया। इसके बाद पर्यटन विभाग ने परिवहन विभाग की मदद से दो बसों का इंतजाम किया और रवाना किया।
टिकट वापसी के लिए उमड़ी भीड़
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अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन से रेलवे को काफी चपत लगी है। दो दिन में लगभग दस लाख रुपये का टिकट रिफंड हुआ। रविवार को बिहार अप-डाउन करने वाली ट्रेनों के अलावा अन्य प्रांतों को जाने वाली दो दर्जन से अधिक ट्रेनें निरस्त होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कैंट स्टेशन स्थित मुख्य आरक्षण केंद्र पर तीन ही टिकट काउंटर काम कर रहे हैं, इसके चलते टिकट निरस्त कराने वाले यात्रियों की लंबी कतार लग रही है।
रेल अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को पांच लाख व रविवार को भी पांच लाख रुपये का टिकट का रिफंड यात्रियों को किया गया। कैंट के अलावा, बनारस स्टेशन और अलईपुर स्थित सिटी स्टेशन स्थित आरक्षण केंद्रों पर लोगों की टिकट निरस्त कराने की भीड़ उमड़ी रही। कैंट स्टेशन निदेशक आनंद मोहन ने बताया कि एहतियात बरतते हुए यात्री सुविधा बहाल रखने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
बाबा का प्रसाद लेने अन्नपूर्णा भोजनालय पहुंचे श्रद्धालु
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अग्निपथ योजना के विरोध में हंगामे के बाद काशी में फंसे हुए पर्यटकों के लिए जिला प्रशासन ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अन्नक्षेत्र में रविवार से भोजन का इंतजाम किया है। रविवार की शाम को भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई और बड़ी संख्या में देश के कोन-कोने से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पर्यटकों के लिए शहर के चौराहों पर इस सुविधा की जानकारी ध्वनि विस्तारक यंत्रों से भी दी जा रही है।
अग्रिम आदेश तक चलती रहेगी सेवा
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि कई ट्रेनों के निरस्त होने के चलते काशी में दक्षिण भारत सहित अन्य राज्यों के दर्शनार्थियों को प्रवास करना पड़ रहा है। ऐसे में इन दूर दराज के श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अन्नक्षेत्र को शाम के समय भी खोला गया है। उन्होंने बताया कि बाबा श्री काशी विश्वनाथ और माता अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से कोई भी भूखा नहीं रहता है।
इसको लेकर ही यह सुविधा शुरू की गई है। यह सेवा अग्रिम आदेश तक चलती रहेगी। ऐसे में शहर में कहीं भी जो श्रद्धालु प्रवास कर रहे हैं वो दिन और रात दोनों समय प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं।
देर शाम तक चेन्नई, आंध्र प्रदेश, कर्नाटका, मध्य प्रदेश व बिहार के यात्रियों ने बाबा के रसोई में प्रसाद ग्रहण किया। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि शहर में देश के कई राज्यों के श्रद्धालु फंसे हैं, उनकी सुविधा को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के भोजनालय में भोजन की सुविधा शुरू की गई है। कोई भी श्रद्धालु मंदिर के भोजनालय में पहुंचकर भोजन कर सकता है।
दे सकते हैं यात्रियों के बारे में जानकारी
मंदिर प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। कोई भी व्यक्ति इन नंबरों पर सूचना देकर व्यक्तियों की संख्या के बारे में बता सकता है जिससे कि खाने का इंतजाम किया जा सके। भोजन व्यवस्था के लिए अन्न क्षेत्र में नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं जिनसे दक्षिण भारत के यात्री संपर्क कर सकते हैं। इसमें माणिकम का मोबाइल नंबर 7598971421, नारायण का मोबाइल नंबर 9455511684 और पुनीत के मोबाइल नंबर 9307008581 पर संपर्क किया जा सकता है।